योग में उच्च शिक्षा और करियर

आज २१ जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। योग की महत्ता केवल भारत ने ही नहीं बल्कि पूरे विश्व ने जानी है। यही वजह है कि आज इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार कर लिया गया है। योग के बढ़ती सफलता के साथ इसमें करियर के बहुत सारे रास्ते खुले हैं।

कभी महज स्पिरिचुअल एक्टिविटी समझा जाने वाला योग आज दुनिया भर में फिटनेस फिनॉमिना के रूप अपनी पहचान बना चुका है। इससे योग इंस्ट्रक्टर्स की डिमांड काफी बढ़ी है। बाबा रामदेव और पतंजलि के अतुलनीय प्रयास से आज योग विश्व में अपनी पहचान बना चुका है।

अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ आकर्षक करियर पसंद करते हैं, तो योग इंस्ट्रक्टर एक बेहतरीन करियर ऑप्शन है।

आज के दौर में योग का काफी महत्त्व है क्योंकि इससे लोगों को फिजिकली फिट रहने में मदद तो मिलती ही है साथ ही यह स्ट्रेसबस्टर का भी काम करता है। योग के प्रति लोगों के बढ़ते क्रेज़ ने इंस्ट्रक्टर्स के लिए अवसर के नए दरवाजे खोले हैं। हाल ही में एक वेबसाइट ने योग इंस्ट्रक्टर को दुनिया के १०० बेस्ट प्रोफेसंस में से एक बताया है।

अगर आपको भी योग के अलग-अलग आसनों का अभ्यास करना और उन्हें लोगों को सिखाना पसंद है, तो आप बन सकते हैं एक बेहतरीन योग इंस्ट्रक्टर। सेहत, स्वास्थ्य और करियर का इससे अच्छा संगम दूसरा कोई नहीं।



जॉब प्रोफाइल

योग एक ऐसी सुलभ और प्राकृतिक क्रिया है, जिससे स्वस्थ शरीर व मस्तिष्क के साथ और भी कई आध्यात्मिक लाभ पाए जा सकते हैं। योग में मौजूद कई आसनों का अभ्यास करने से स्ट्रेस को दूर रखने और फिट रहने में मदद मिलती है। योग के इन्हीं आसनों को सिखाने वाले टीचर्स योग इंस्ट्रक्टर कहलाते हैं। ये लोगों को हर तरह के आसन करने का सही तरीका बताते हैं और लोगों की जरुरत के हिसाब से सही आसन की जानकारी भी देते हैं।

कौन से कोर्सेज हैं जरुरी    

योग इंस्ट्रक्टर बनने के लिए आप किसी भी यूनिवर्सिटी से योग साइंस, योग थेरेपी, एरोबिक, योग जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, योग साइंस एंड लाइफस्टाइल, योग एंड मैनेजमेंट, योग एजुकेशन, एप्लाइड योग एंड ह्यूमन एक्सीलेंस, योगिक साइंसेज एंड होलिस्टिक हेल्थ, ह्यूमन कॉन्शियसनेस एंड योग थेरेपी जैसे कई डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और फाउंडेशन कोर्स कर सकते हैं।

इसके अलावा आप योग में मास्टर्स और पीएचडी भी कर सकते हैं। इस प्रोफेशन में बतौर टीचर करियर बनाने के लिए आप योग में कोम्प्रेहेंसिवे टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स और टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स (टीटीसी) कर सकते हैं।

कैसी है वर्क प्रोफाइल

एक योग इंस्ट्रक्टर हर आसन को सही तरीके से करने में एक्सपर्ट तो होता ही है, साथ ही उसे हर आसन के फायदे की जानकारी भी होती है। बतौर योग इंस्ट्रक्टर आपका काम लोगों को सही पोस्चर में योग की प्रैक्टिस कराना, लोगों को हर आसन के फायदों के बारे में बताना और उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अलग-अलग आसनों का सुझाव देना होगा।

कैसी होनी चाहिए स्किल्स

योग इंस्ट्रक्टर के लिए योग एक जीवनशैली है। जब तक आपके अन्दर भी योग के लिए कुछ ऐसा ही जज्बा न हो, तब तक आपको इस क्षेत्र में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकती। एक सफल योग इंस्ट्रक्टर बनने के लिए पर्सनल प्रैक्टिस के लिए पूरी तरह समर्पित होना बहुत जरुरी है।

जाहिर है, किसी को फिट और हेल्दी रहने में मदद करना एक बड़ी जिम्मेदारी है और इसे आप तभी बखूबी निभा पाएंगे, जब आप खुद लगातार प्रैक्टिस और स्टडी करेंगे। इस फील्ड में लंबे समय तक टिके रहने के लिए आपमें पैशन और पेशेंस होना बहुत जरुरी है।

कितना पैसा मिलता है

ज्यादातर योग इंस्ट्रक्टर्स सेशन के हिसाब से अपनी फीस लेते हैं। उनके सेशंस स्कूल्स, कॉलेज, फिटनेस सेंटर्स, स्पा जैसी जगहों पर चलाये जाते हैं। आम तौर पर एक सेशन के लिए योग इंस्ट्रक्टर को 500-1500 रूपये तक मिलते हैं। हालांकि यह उनकी लोकप्रियता पर निर्भर करता है। कई स्कूल्स योग इंस्ट्रक्टर्स को स्थायी तौर पर भी हायर करते हैं, जिसके लिए उन्हें मासिक सैलरी दी जाती है। सैलरी स्ट्रक्चर स्कूल पर निर्भर करता है।

भविष्य की संभावनाएं

सरकार ने फिजिकल एजुकेशन प्रोग्राम के तहत 6-10 वीं क्लास तक के बच्चों के लिए योग को एक ऑप्शनल सब्जेक्ट रखा है। इसके लिए स्कूलों में योग इंस्ट्रक्टर्स को नियुक्त किया जायेगा। आप चाहें, तो जिम में बतौर योग इंस्ट्रक्टर, लेक्चरर और थेरापिस्ट भी अपना करियर बना सकते हैं।

इसके अलावा आप कॉर्पोरेट इंस्ट्रक्टर और काउंसलर्स के तौर पर भी काम कर सकते हैं। आप चाहें तो हॉस्पिटल्स, रिहैबिलिटेशन सेंटर्स और प्रिवेंटिव मेडिसिन डिपार्टमेंट में काम कर सकते हैं। आप सरकार के चाइल्ड केयर प्रोग्राम्स से भी जुड़ सकते हैं। अपनी सेल्फ प्रैक्टिस करना भी एक अच्छा ऑप्शन है।

प्रमुख संस्थान

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ योगिक साइंस एंड रिसर्च, भुवनेश्वर

www.iiysar.co.in

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ योग, दिल्ली

www.yogamdniy.nic.in

गुजरात यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद

www.gujratuniversity.org.in

देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार

www.dsvv.ac.in

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार

www.gkv.ac.in

भावनगर यूनिवर्सिटी, गुजरात

www.mkbhavuni.edu.in

राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फ़ैजाबाद

www.rmlau.ac.in



इंडियन आर्मी में हैं करियर के बहुत सारे रास्ते

एनडीए, सीडीएस के अलावा भी आर्मी में एंट्री के कई प्लेटफार्म हैं। आइये जानते हैं भारतीय सेना की कुछ ऐसे ही ऑफबीट फ़ील्ड्स के बारे में, जहाँ स्टूडेंट्स के लिए हैं बेहतर मौके।

अगर आपमें जोश, जज्बा और देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना है, तो भारतीय सेना से बेहतर करियर विकल्प, आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता। अगर आर्मी में करियर बनाना चाहते हैं, तो 10वीं, 12वीं के बाद नॉन-टेक्निकल और टेक्निकल के साथ एनडीए, सीडीएस के जरिये एंट्री ले सकते हैं।

हालांकि आर्मी में कई ऐसी ऑफबीट फ़ील्ड्स भी हैं, जहाँ करियर के बेहतरीन अवसर हैं। कॉम्बैट फ्रंट के अलावा, इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ प्रोफेशनल्स के साथ सामान्य ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट जैसे नॉन-टेक्निकल डिग्री धारी युवाओं के लिए काफी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। इनसे जुड़कर युवा देश सेवा के साथ-साथ प्रतिष्ठित नौकरी और शानदार भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।



इंजीनियर्स के लिए अवसर

इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स टीजीसी, शार्ट सर्विस (टेक्निकल) और यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम के जरिये आर्मी ऑफिसर बन अपने टेक्निकल नॉलेज का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं।

टीजीसी इंजीनियर्स

बीई या बीटेक डिग्री ले चुके 20 से 27 साल के युवा अपनी टेक्निकल स्किल्स के बल पर देश सेवा करने के लिए आर्मी में टेक्निकल ग्रेजुएट कमीशन (टीजीसी) से जुड़ सकते हैं। इसके लिए वर्ष में दो बार अक्टूबर-नवम्बर और अप्रैल-मई में नोटीफिकेशन जारी किया जाता है। सिलेक्शन के बाद इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है और फिर आर्मी में स्थायी नियुक्ति मिलती है।

शार्ट सर्विस (टेक्निकल)

इंजीनियरिंग की किसी भी ब्रांच में डिग्री हासिल करने वाले शार्ट सर्विस (टेक्निकल) के माध्यम से सेना से जुड़ सकते हैं। इसके लिए अधिकतम आयु 27 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया नवम्बर से जनवरी और मई से जुलाई के बीच होती है। सिलेक्शन के बाद उम्मीदवारों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई में 49 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है।

यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम

इंजीनियरिंग – प्री फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम के जरिये आर्मी में आवेदन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम (यूईएस) के तहत आर्मी में शामिल होने के लिए कम से कम 19 साल और अधिक से अधिक 25 साल होना चाहिए। यूईएस में चयनित युवाओं को आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण दिया जाता है।

टीजीएस एजुकेशन (एईसी)

शिक्षा में रूचि रखने वाले युवा आर्मी में टीजीसी एजुकेशन सेक्शन को चुन सकते हैं। आर्मी में एजुकेशन के लिए बेहतर स्कोप हैं। एसएसबी के जरिये इसमें प्रवेश मिलता है। फर्स्ट या सेकंड डिवीज़न में एमए या एमएससी कर चुका 23 से 27 वर्ष का कोई भी भारतीय युवा इसमें प्रवेश ले सकता है। इसमें एंट्री के लिए भारतीय सेना की ओर से जून-जुलाई और दिसम्बर-जनवरी में आवेदन मंगाए जाते हैं। इंडियन मिलिट्री एकेडमी में इनकी ट्रेनिंग होती है और उसके बाद आर्मी में स्थायी नियुक्ति हो जाती है।

जेसीओ (रिलीजियस टीचर)

आर्मी में धार्मिक शिक्षकों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति की जाती है। इसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख, बौद्ध, ईसाई आदि धर्मों के जानकर शामिल किये जाते हैं। इनका मुख्य कार्य सैनिकों में पॉजिटिव एनर्जी भरना होता है ताकि उनका मनोबल हमेशा ऊंचा बना रहे। इसके लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट होने के साथ-साथ सम्बंधित धर्म का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है।

लॉ ग्रेजुएट के लिए जेएजी मेन

अगर आप लॉ ग्रेजुएट हैं और सेना से जुड़कर देश सेवा करने की चाहत रखते हैं, तो जेएजी मेन आपके लिए सबसे उपयुक्त हो सकता है। इसके लिए 55 प्रतिशत अंको के साथ एलएलबी या एलएलएम उत्तीर्ण करना जरुरी होता है। 21 से 27 वर्ष के भारतीय युवा इसके लिए एलिजिबिल होते हैं। इसमें नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्ष में दो बार दिसम्बर-जनवरी और अप्रैल-मई में होती है। सिलेक्शन के बाद ओटीए चेन्नई में 49 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है।

एमबीए के लिए भी मौके

मैनेजमेंट की डिग्री रखने वाले युवाओं के लिए भी आर्मी में बेहतर मौके उपलब्ध हो रहे हैं। सेना के लोजिस्टिक्स सेक्शन में एमबीए डिग्रीधारियों को एंट्री दी जाती है।

जेसीओ (खानपान)

बारहवीं के बाद किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से होटल मैनेजमेंट या फ़ूड मेकिंग कोर्स में डिप्लोमा करने के बाद आप आर्मी के खानपान सेक्शन से जुड़कर अपनी पाक कला से सैन्यकर्मियों को खुश कर सकते हैं।

आर्मी के कमांडो

अगर आप आर्मी के जरिये कमांडो बनना चाहते हैं, तो सेना की इस विंग में इसके लिए भी कई मौके उपलब्ध होते हैं। एनएसजी यानी नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड, मरीन कमांडो, बलैक कैट कमांडो जैसे देश के सबसे जांबाज कमांडो का चयन आम तौर पर थलसेना के सैनिकों के बीच से ही किया जाता है। थलसेना के चुनिन्दा जाबांज ऑफिसर्स को स्पेशल फोर्सेज के लिए चुना जाता है और उन्हें विशेष तरीके से कड़ा प्रशिक्षण देकर एनएसजी,  ब्लैक कैट कमांडो, पैरा कमांडो आदि में शामिल किया जाता है।



महिलाओं के लिए मौका

आर्डिनेंस कोर, एजुकेशन कोर, नर्सिंग, सर्विस कोर, जेएजी, सिग्नल्स, आर्मी इंटेलिजेंस और लोजिस्टिक्स में अविवाहित महिलाओं की नियुक्ति की जाती है। कुछ पदों पर सैन्य कर्मियों की विधवाओं की भी भर्ती होती है। इसके लिए समय-समय पर आर्मी की ओर से आवेदन मंगाए जाते हैं।

टेक्निकल ब्रांच

कोर ऑफ़ इलेक्ट्रिक एंड मैकेनिकल एंगिनीर्स, कोर ऑफ़ सिग्नल्स, कोर ऑफ़ इंजीनियर्स

नॉन-टेक्निकल ब्रांच

इन्फेंट्री आर्म्ड कोर, आर्टिलरी

एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज

आर्मी सर्विस कोर, आर्मी आर्डिनेंस कोर, आर्मी एजुकेशनल कोर, रिमाउंट एंड वेटेरनरी कोर, जज, अधिवक्ता, जनरल कोर, कोर ऑफ़ मिलिट्री, इंटेलिजेंस कोर, आर्मी कैंटीन सेवा, आर्मी पायोनियर कोर, डिफेन्स सिक्यूरिटी कोर

सैनिक

ट्रेडमैन सामान्य कार्य / निर्दिष्ट कार्य / नर्सिंग सहायक / लिपिक / स्टोर कीपर

आर्मी के लिए आवेदन

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