डांसिंग में करियर और उच्च शिक्षा

अलग-अलग चैनल्स पर दिखाए जाने वाले रियलिटी शोज ने नए डांसर्स को बेहतरीन प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। अच्छी बात यह है कि आज के युवा भी काफी बड़ी संख्या में डांसिंग को करियर के तौर पर अपनाने लगे हैं।

आज के दौर में कोई भी समारोह हो, डांस के बगैर अधूरा सा लगता है। भारत के किसी भी कोने में झांक लें तो हर प्रान्त, हर इलाके का अपना कोई ना कोई लोक नृत्य है। इसके अलावा, शास्त्रीय नृत्य की भी अपनी गरिमा और स्थान है।

देश में मॉडर्न और वेस्टर्न डांस फॉर्म्स का भी हर ओर खूब क्रेज है। हिप हॉप, सालसा बैले, टैंगो आदि जैसे डांस भी वर्तमान पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इसलिए देश में डांस सीखने और सिखाने के विकल्पों की कमी नहीं है। यदि आपकी डांस में गहरी रूचि है, तो अपनी पसंद के अनुसन क्लासिकल या मॉडर्न डांस का प्रशिक्षण हासिल कर आप अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

डांसिंग का क्रेज

टीवी के विभिन्न चैनल्स पर प्रसारित हो रहे डांस रियलिटी शोज को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि छोटे-छोटे बच्चे और उनके अभिभावक डांस को बतौर करियर कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। दरअसल, डांस से मिल रही पहचान के बल पर तमाम लोग खूब शोहरत कमा रहे हैं।

इस तरह के शोज से न सिर्फ युवाओं को अपना टैलेंट दिखने का मौका मिल रहा है, बल्कि नए कोरिओग्राफर के रूप में उन्हें फिल्मों में खूब मौके मिल रहे हैं। इसके अलावा, स्कूल-कोलेजों में डांस सिखाने वालों की आजकल बहुत मांग है, जहाँ बतौर डांस टीचर / ट्रेनर करियर बनाने के मौके हैं। यदि आपको पर्सनालिटी अच्छी है, आप आकर्षक दिखते हैं, तो लाइव स्टेज परफॉरमेंस देकर भी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।

इसके अलावा, डांस कोर्स करने के बाद टीवी चैनल्स, कला केन्द्रों, नृत्य संस्थान, म्यूजिक-एल्बम के जरिए भी आप अपनी पहचान बना सकते हैं।



कौन से कोर्स

डांस में करियर बनाने के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरुरी। देश के कई विश्वविद्यालयों, गान्धर्व, भारतखंडे आदि संस्थानों में डांस एक प्रमुख कोर्स के रूप में सिखाया जा रहा है, जहाँ से आप डांस में डिग्री, पीजी, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इस तरह के कोर्सेज में डांस सिखाने के आलावा गानों की धुनों पर स्टेप देने, चेहरे के हाव-भाव, को प्रकट करने समेत कई बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया जाता है।

सभी के लिए मौका

आज के समय में यह बात मायने नहीं रखती कि आप खानदानी नर्तक हैं या नहीं। इस क्षेत्र में स्पर्धा है और सबको अपना टैलेंट खुद को प्रमाणित करना पड़ता है। इसलिए नृत्य का कोई भी फॉर्म हो, इसमें सभी को मौका मिल रहा है। यह बात भी सही है कि इस फील्ड में संघर्ष भी बहुत है, फिर भी लोग अपनी पहचान बना रहे हैं। इसलिए यह सोचकर इस क्षेत्र में आयें कि इसमें समय लगेगा। फ़ास्ट फ़ूड जैसी सोच के साथ न आयें की तुरंत डांस को सीखा और इज्जत शोहरत मिलने लगेगी। अगर कामयाबी पानी है, तो मन को शांत रखें।

जरुरी स्किल्स

डांसिंग एक क्रिएटिव फील्ड है। इसमें भी कहीं ज्यादा यह एक कुदरती टैलेंट है। प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास के जरिये इसे टैलेंट को निखारा जा सकता है। डांस चाहे क्लासिकल हो या मॉडर्न, इसमें आप अपनी पहचान तभी बना सकते हैं, जब आप नृत्य की बुनियादी तकनीकें सीखकर अपने इनोवेशन से इसमें और कुछ जोड़ते हैं। बेहतर तो यही होता है कि यदि कुदरती प्रतिभा है, तो 7-8 साल की उम्र से ही उपयुक्त संस्थान में ट्रेनिंग शुरू कर दी जाये।

आगे चलकर इसी फील्ड में प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं। एक प्रोफेशनल के लिए डांस कोर्स करना इसलिए जरुरी होता है क्योंकि इससे उसमें सबंधित डांस फॉर्म की बेसिक समझ आ जाती है, वहीँ, रियाज से इसमें और परफेक्शन आता जाता है। यह रियाज उम्र भर जारी रखना जरुरी है।

प्रमुख संस्थान

गन्धर्व महाविद्यालय, दिल्ली

www.gandharvmahavidyalayanewdelhi.org

सरस्वती म्यूजिक कॉलेज, इलाहाबाद

www.saraswatimusiccollege.org

कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी, बंगलुरु

www.narthaki.com

दिल्ली म्यूजिक सोसाइटी, दिल्ली

www.delhimusicsociety.net

द डांस अकादेमी, मुंबई

www.shiamak.com

टेरेंस लुईस अकादेमी, मुंबई

www.terencelews.com

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी

www.bhu.ac.in

 



एनीमेशन में उच्च शिक्षा और करियर

एनीमेशन भारतीय मनोरंजन उद्योग का भविष्य है। अब यह फिल्मों ही नहीं, बिज़नस, सेल्स, इंजीनियरिंग, शिक्षा और विज्ञापन के क्षेत्र का अहम हिस्सा बन गया है।

गेमिंग, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, मेडिकल तथा इंश्योरेंस कम्पनीज भी अपने प्रेजेंटेशन के लिए एनीमेशन का इस्तेमाल कर रही हैं। एनीमेशन इंडस्ट्री जिस रफ़्तार से आगे बढ़ रही है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है की इसमें क्रिएटिव लोगों के लिए बेशुमार मौके हैं।

एनीमेशन फिल्मों को लेकर बच्चों में हमेशा से उत्साह रहा है। इसे बड़े पैमाने पर वयस्क भी देखते हैं। बात चाहे वॉल्ट डिज्नी के मिक्की माउस, डोनाल्ड डक, टॉम एंड जेरी जैसे लोकप्रिय कार्टून की हो या फिर डोरेमोन, छोटा भीम आदि जैसे टीवी एनीमेशन किरदारों की, देश भर के दर्शकों के ये पसंदीदा केरैक्टर बन गए हैं। हाल में रिलीज़ हुई फिल्म ‘बाहुबली’ अपने 3-डी इफेक्ट्स की वजह से चर्चा में रही। 3-डी एनीमेशन की फ़िल्में देखकर ऐसा लगता है की हम किसी आभासी दुनिया में पहुँच गए हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रस्तावित नेशनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर गेमिंग, एनीमेशन एंड विजुअल आर्ट्स के जरिये ज्यादा से ज्यादा भारतीय कहानियों और पौराणिक पात्रों को ऑन-स्क्रीन लाने का निर्णय लिया है, यानी भविष्य में एनीमेशन और 3-डी विजुअल वाले प्रोग्राम्स को और बढ़ावा मिलेगा।

फिक्की-केपीएमजी 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एनीमेशन, वीएफएक्स और गेमिंग उद्योग की मांग दिनों-दिन बढ़ रही है और 2019 तक मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एनीमेशन की विकास डर 14 प्रतिशत रहने का अनुमान है। क्रिएटिव सोच वाले युवा समुचित ट्रेनिंग लेकर एनीमेशन उद्योग में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

एनीमेशन क्या है

कोई इमेज सीक्वेंस यदि आगे-पीछे या घटते-बढ़ते क्रम में हमारी आँखों के सामने से गुजारा जाये तो हमें आभास होने लगता है कि वस्तु आगे या पीछे चल रही है। सामान्य तौर पर कोई सीक्वेंस कम से कम 12 वीडियो फ्रेम प्रति सेकंड की गति से गुजर रहा हो, तो वह हमारी आँखों को वीडियो के रूप में दिखाई देता है। एनीमेशन में इसी आधार पर चित्र चलते हुए दिखते हैं।



एनीमेशन मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं: 2-डी और 3-डी। 3-डी दृश्य में हमें वस्तु की ऊँचाई, चौड़ाई और गहराई तीनों दिखती हैं, जबकि 2-डी दृश्य में सिर्फ ऊंचाई और चौड़ाई ही दिखती है। 2-डी और 3-डी दोनों के निर्माण के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेर इस्तेमाल किये जाते हैं।

वर्क प्रोफाइल

एनीमेशन प्रोफेशनल के काम में आईडिया डेवलपमेंट, प्री-प्रोडक्शन, प्रोडक्शन, और पोस्ट प्रोडक्शन जैसी प्रक्रिया से गुजरना होता है। आईडिया डेवलपमेंट के अंतर्गत सबसे पहले कैरेक्टर को तैयार करने का काम होता है। फिर आईडिया को लेआउट में परिवर्तित करने से लेकर स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरी बोर्डिंग, कैरेक्टर डेवलपमेंट, बैकग्राउंड, लेआउट डिजाइनिंग, एनिमेटिक्स आदि जैसे प्री-प्रोडक्शन प्रोसेस होते हैं। प्रोडक्शन स्टेज पर स्टोरी में विजुअलाइजेशन, बैकग्राउंड और कलरिंग पर काम होता है। आखिरी स्टेज एडिटिंग और स्पेशल इफेक्ट्स (एसएफएक्स) की होती है, जहाँ एनीमेशन सीन को फाइनल टच दिया जाता है।

जरुरी स्किल्स

चूंकि एनीमेशन एक क्रिएटिव फील्ड है, इसमें हमेशा कुछ नया और इनोवेटिव करना होता है। इसलिए व्यक्ति में क्रिएटिविटी और ड्राइंग स्किल होना जरुरी है। इस फील्ड में चुनौतियाँ भी खूब हैं। यहाँ धैर्य रखना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे लोगों को घंटों कंप्यूटर के सामने स्टूडियो में बैठे रहना पड़ सकता है। साथ ही, एनीमेशन में हो रहे बदलावों से भी हर समय अपडेट रहना होता है।

कोर्स और क्वालिफिकेशन

इस फील्ड में अपनी क्रिएटिविटी सामने लाने के लिए एनीमेशन, ग्राफ़िक्स, मल्टीमीडिया के रूप में कई कोर्स मौजूद हैं। ये कोर्स 12वीं के बाद किये जा सकते हैं। ऐसे डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम फुलटाइम और पार्टटाइम दोनों तरह के हैं। कुछ संस्थान कोर्स की समाप्ति पर विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं।

जॉब के प्रकार

अमूमन एक एनीमेशन फिल्म बनाने में करीब 500 एनिमेटर्स की सेवाएं ली जाती हैं। ये प्रोफेशनल्स ग्राफ़िक, एनीमेशन, वीएफएक्स और वेब फील्ड से जुड़े लोग होते हैं।

मॉडलर : एनीमेशन के लिए मॉडल बनाने वाले ऐसे प्रोफेशनल को एनाटोमी की अच्छी समझ होती है। ये मॉडल 3-डी या 2–डी किसी भी स्वरूप में हो सकते हैं।

स्टोरी बोर्ड आर्टिस्ट : ऐसे पद के लिए व्यक्ति में ड्राइंग स्किल मजबूत होनी चाहिए क्योंकि बतौर स्टोरी बोर्ड आर्टिस्ट इन्हें पूरी घटना के सीक्वेंस तैयार करने होते हैं। हर फ्रेम का घटनाक्रम यही प्रोफेशनल विजुअलाइज़ करते हैं।

कैरेक्टर एनिमेटर : किसी भी पात्र को सजीव सा दिखाने में माहिर होते हैं कैरेक्टर एनिमेटर। ऐसे लोगों को ट्रेडिशनल एनीमेशन, स्टॉप मोशन एनीमेशन और क्लेमेशन की अच्छी जानकारी होती है।

बैकग्राउंड आर्टिस्ट : ये प्रोफेशनल किसी भी सीन का बैकग्राउंड तैयार करने का काम करते हैं। बात चाहे कैरेक्टर के बैकग्राउंड को रंगने की हो या प्रोजेक्ट के बैकग्राउंड का सेट तैयार करना हो, इसमें इन्हें स्पेशलाइजेशन हासिल होती है।



लेआउट आर्टिस्ट : ऐसे लोगों का काम किसी प्रोजेक्ट में कमोबेश सिनेमाटोग्राफर की तरह है। यही प्रोफेशनल लाइट और कैमरा की एंगल तय करते हैं। साथ ही, एनीमेशन के लिए बैकग्राउंड डिजाईन का स्केच भी तैयार करते हैं।

2-डी एनिमेटर : अलग-अलग ड्राइंग के जरिये सीक्वेंस को परिभाषित करने का जिम्मा 2-डी एनिमेटर पर होता है। ये बड़ी आकृति वाले ड्राइंग भी करते करते हैं।

3-डी एनिमेटर : ऐसे प्रोफेशनल 3-डी मॉडल को सजीव स्वरूप देने का काम करते हैं ताकि आभासी दुनिया वास्तविक दिखे। फ्रेम को इस कुशलता से क्रम में रखा जाता है कि वे चलती-फिरती अवस्था में प्रतीत हों।

अन्य जॉब टाइटल : स्पेशल इफ़ेक्ट आर्टिस्ट, स्कैनर ऑपरेटर, कोम्पोजिंग आर्टिस्ट, ऑडियो-वीडियो स्पेशलिस्ट, टेक्सचर आर्टिस्ट, रिगिंग आर्टिस्ट, क्लीनअप आर्टिस्ट, लाइटिंग आर्टिस्ट, कोम्पोजिटर, के फ्रेम एनिमेटर, इमेज एडिटर, इन-बिटवीन एनिमेटर आदि।

जॉब स्कोप

वॉल्ट डिज़्नी, सोनी पिक्चर्स के अलावा अनेक अमेरिकी प्रोडक्शन कम्पनीज एनीमेशन और विज़ुअल इफ़ेक्ट के लिए बड़ी तादात में भारत से आउटसोर्सिंग कर रही हैं। एक अनुमान के अनुसार, देश में फिलहाल 300 से ज्यादा एनीमेशन स्टूडियो हैं, जिनके पास हर समय विदेशी प्रोजेक्ट रहते हैं। एनीमेशन भारतीय मनोरंजन उद्योग का भविष्य है। एनीमेशन अब फिल्मों में ही नहीं, बिज़नस, सेल्स, इंजीनियरिंग, शिक्षा और विज्ञापन के क्षेत्र का अहम हिस्सा बन गया है।

फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, मेडिकल, लीगल तथा इनश्योरेंस कम्पनीज भी अपने प्रेजेंटेशन के लिए एनीमेशन का इस्तेमाल कर रही हैं। एनीमेशन ने गेमिंग इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी है। वीडियो और मोबाइल गेम ने अच्छे एनिमेटर्स को डिमांड में ला दिया है। वेबसाइट डिजाइनिंग, ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग, सीडी रोम प्रोडक्शन, 3-डी प्रोडक्ट मॉडलिंग जैसे कुछ अन्य फील्ड भी हैं, जहाँ एनिमेटर्स के लिए बहुत अवसर हैं। एनीमेशन के जानकारों के लिए टीचिंग में भी मौके हैं। अगर चाहें तो खुद का काम भी शुरू कर सकते हैं।

सैलरी पैकेज

किसी भी एनीमेशन प्रोडक्शन हाउस में इन-हाउस ट्रेनिंग के बाद जूनियर एनिमेटर के तौर पर 20 से 25 हजार रूपये मासिक सैलरी मिल जाती है। अनुभव के बाद कुशल एनिमेटर बनने पर सैलरी 35 से 40 हजार रूपये तक पहुँच जाती हैं। विदेशों में काम करने पर यह पैकेज लाखों में भी पहुँच जाता है।

प्रमुख संस्थान

माया अकेडमी ऑफ़ एडवांस्ड सिनेमाटिक्स, दिल्ली

www.maacindia.com

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

www.ignou.ac.in

व्हिसलिंग वुड्स, मुंबई

www.whistlingwoods.net

टीजीसी एनीमेशन, नई दिल्ली

www.tgcindia.com

एडिट वर्क्स, नोएडा

www.editworks.co.in