रेडियो इंडस्ट्री में करियर

टीवी के प्रसार के बावजूद रेडियो आज भी हर किसी को लुभाता-गुदगुदाता है। एफएम चैनल्सकम्युनिटी रेडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने और उन्हें जागरूक करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। अगर आप भी क्रिएटिविटी से जुदा करियर अपनाना चाहते हैं, तो रेडियो आपके लिए आकर्षक क्षेत्र हो सकता है।

छोटे बड़े सभी शहरों में आज एफ एम रेडियो का खूब क्रेज है। चौबीस घंटे इन पर नए पुराने गाने बजते रहते हैं। उत्साह से लबरेज आरजे की मस्ती भरी बातें, न्यूज़, कर्रेंट अफेयर्स और कहानियां भी श्रोताओं को सुनने को मिलती हैं। जाहिर सी बात है, एफएम चैनल्स पर अगर इतना कुछ कंटेंट परोसा जा रहा है, तो यहाँ क्रिएटिविटी युवाओं के लिए जॉब के अवसर भी खूब होंगे।

ऑल इंडिया रेडियो के अलावा विभिन्न एफएम चैनल्स में प्रोडयूसर, रेडियो जॉकी, न्यूज़ रीडर, न्यूज़ रिपोर्टर, कंटेंट राइटर, ट्रांसलेटर, म्यूजिक मेनेजर, साउंड इंजिनियर, कंटेंट मेनेजर, कंटेंट एग्जीक्यूटिव जैसे अनेक प्रोफेसंस की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में सरकार ने घोषणा की है कि वर्ष 2017-18 के दौरान देश भर में 100 नए एफएम चैनल्स खोले जायेंगे। स्पष्ट है की रेडियो इंडस्ट्री में आगे भी चमकदार करियर बना रहेगा।

जॉब प्रोफाइल

रेडियो इंडस्ट्री में अनेक जॉब प्रोफाइल्स हैं, जिनके माध्यम से आप सफल करियर बना सकते हैं।

रेडियो जॉकी / अनाउन्सर : रेडियो इंडस्ट्री की यह सबसे ज्यादा चर्चित और ग्लैमरस जॉब है। एफएम चैनल्स पर आरजे यानी रेडियो जॉकी की मनोरंजक बातें सुनकर मानो एकबारगी सारा तनाव गायब हो जाता है। सरकारी रेडियो स्टेशन्स में यही जिम्मेदारी अनाउन्सर निभाते हैं। अगर आप भी आवाज की दुनिया में अपना जादू बिखेरना चाहते हैं, तो आपका ग्रेजुएट होना जरुरी है। इस पद के लिए कोई कोर्स किया होना बहुत ज्यादा जरुरी नहीं है।

हाँ, क्रिएटिव और बातूनी स्वभाव यहाँ बहुत काम आता है। उमीदवार की आवाज अच्छी होनी चाहिए। अपने शहर की बारे में अच्छी समझ होनी चाहिए। प्रेजेंटेशन स्किल्स अच्छी होना बहुत जरुरी है।

प्रोड्यूसर / प्रोग्राम डायरेक्टर : किसी भी रेडियो स्टेशन के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में प्रोड्यूसर अहम पद है। रेडियो के लिए प्रोग्राम या कंटेंट ये ही डिजाईन करते हैं। ये शो की रणनीति तैयार करते हैं। इस जॉब के लिए उम्मीदवार के पास जर्नलिज्म या रेडियो प्रोडक्शन में डिग्री या डिप्लोमा होना जरुरी है।

म्यूजिक मेनेजर : एफएम चैनल्स में म्यूजिक मेनेजर की बड़ी अहम भूमिका है। शो के दौरान सुनाये जाने वाले गाने ये ही तय करते हैं। अक्सर ऐसे पदों पर क्रिएटिव, म्यूजिक का ज्ञान और म्यूजिक प्रष्ठभूमि रखने वाले लोगों को ही हायरिंग में तवज्जो दी जाती है।

कंटेंट राइटर : रेडियो में कंटेंट राइटर्स ही प्रसारित होने वाले किसी भी कार्यक्रम की स्क्रिप्ट लिखते हैं। कंटेंट राइटिंग रेडियो का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए कॉपी ऐसी होनी चाहिए जो श्रोताओं का ध्यान खींच सके। आप जर्नलिज्म में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स करके यहाँ करियर बना सकते हैं। यह कोर्स 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं।

रेडियो रिपोर्टर : आप अखबार, टीवी के अलावा रेडियो में भी जर्नलिज्म कर सकते हैं। समाचार प्रसारण के लिए रेडियो स्टेशन्स में खुद के रिपोर्टर्स होते हैं। जर्नलिज्म में डिग्री / डिप्लोमा करके आप यह जॉब पा सकते हैं।

न्यूज़ रीडर : न्यूज़ रीडिंग के लिए विशेष तौर पर न्यूज़ रीडर की नियुक्ति की जाती है। आकाशवाणी और एफएम चैनल्स में ऐसे प्रोफेशनल्स के लिए जॉब के अच्छे अवसर हैं। इसके लिए भी जर्नलिज्म की प्रष्ठभूमि का होना जरुरी है। अच्छी आवाज और प्रेजेंटेशन स्किल भी होनी चाहिए।

साउंड इंजिनियर : रेडियो स्टेशन में किसी भी प्रोग्राम को ‘ऑन एयर’ करने के लिए साउंड इंजिनियर में डिग्री कोर्स करके आप यह जॉब पा सकते हैं।

ट्रांसलेटर : रेडियो इंडस्ट्री में आप बतौर ट्रांसलेटर भी करियर बना सकते हैं। ऑल इंडिया रेडियो में ऐसे लोगों के लिए अच्छे अवसर होते हैं। इसके लिए योग्यता यह है कि आप अंग्रेजी में ग्रेजुएट हों, साथ ही किसी एक भारतीय भाषा पर भी अच्छा अधिकार रखते हों।

निजी एफएम चैनल्स में आरजे, प्रोड्यूसर, म्यूजिक मेनेजर या साउंड इंजिनियर की हायरिंग टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर होती है। आरजे पद के लिए स्टूडियो टेस्ट लिया जाता है। वेकेंसी की जानकारी आप एफएम चैनल्स की वेबसाइट या जॉब पोर्टल्स पर पा सकते हैं।

ऑल इंडिया रेडियो में भर्ती की जानकारी आप प्रसार भारती की वेबसाइट https://www.prasarbharti.gov.in पर पा सकते हैं।

प्रमुख संस्थान

एजेके एमसीआरसी, जामिया इस्लामिया, नई दिल्ली

https://www.jmi.ac.in

माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, नोएडा परिसर

https://www.mcu.ac.in

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली

https://www.iimc.nic.in

आईपी यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली

https://www.ipu.ac.in

एडिट वर्क्स, नोएडा

https://www.editworksindia.com

अपने दोस्तों के बीच व घरवालों के साथ विचारों को शेयर करें। किसी विषय पर अपनी राय बनायें और उसे अभिव्यक्त करने, उस पर डिस्कशन करने की आदत विकसित करें। यह आपका ज्ञान भी  बढ़ाएगा और सहजता भी सिखाएगा, जो इस क्षेत्र में सफल होने के लिए बहुत जरुरी है। ध्यान रहे, अच्छी आवाज तब तक बेदम है, जब तक भाषा पर पकड़ पैदा न की जाये। भाषा अच्छी करने के लिए जरुरी है कि आप खूब पढ़ें, अच्छा पढ़ें। अच्छी भाषा के साथ जब अच्छी जानकारी पेश की जाती है तो लोग सुनते ही नहीं, गुनते भी हैं।