ग्राफ़िक डिजाइनिंग से बना सकते हैं करियर

ग्राफ़िक डिजाइनिंग टाइपोग्राफी, फोटोग्राफी और इलस्ट्रेशन का इस्तेमाल करते हुए विजुअल कम्युनिकेशन और कम्युनिकेशन डिजाईन की मिली जुली प्रक्रिया है। ग्राफ़िक डिज़ाइनर विचारों और संदेशों को कंप्यूटर सॉफ्टवेर या हाथ से संकेतों, चित्रों और शब्दों के सहारे दिखाता है।

आमतौर पर ग्राफ़िक डिजाईन का उपयोग कॉर्पोरेट डिजाईन (लोगो और ब्रांडिंग), सम्पादकीय डिजाईन (पत्रिकाएं, अखबार और पुस्तकें), पर्यावरणीय डिजाईन, विज्ञापन, ब्रोशर्स, कॉर्पोरेट रिपोर्ट, वेब डिजाईन, कम्युनिकेशन डिजाईन, उत्पादों की पैकेजिंग और साइनेज में किया जाता है। ग्राफ़िक डिजाईन उत्पादों की मार्केटिंग और उन्हें बेचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आईडीसी, आईआईटी, मुंबई

www.idc.iitb.ac.in

वर्क प्रोफाइल

ग्राफ़िक डिज़ाइनर्स को नए सॉफ्टवेयर्स और कंप्यूटर तकनीक की ताजा जानकारी होनी चाहिए, जिससे वे प्रतिस्पर्धा में बने रहें। डिज़ाइनर्स में द अडोब क्रिएटिव सुइट सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। आपको कम से कम इन तीन में महारत हासिल होनी चाहिए – फोटोशोप, इनडिजाईन और इलस्ट्रेटर

हर डिज़ाइनर को पता है कि इलस्ट्रेटर का उपयोग लोगो डिजाइनिंग और वेक्टर ग्राफ़िक्स के लिए, फोटोशोप का इमेज एडिटिंग और वेब डिजाईन के लिए तथा इनडिजाईन का प्रिंट के लिए किया जाता है। डिज़ाइनर का क्रिएटिव होना बहुत जरुरी है, तभी वह सफलता प्राप्त कर सकता है।

दिल्ली कोलाज ऑफ आर्ट, नई दिल्ली

www.delhicollageofart.com

शैक्षणिक योग्यता

जहाँ तक शैक्षणिक योग्यता का सवाल है, इसमें नौकरी पाने के लिए आम तौर पर ग्राफ़िक डिजाईन डिजाईन या सम्बंधित क्षेत्र में स्नातक की जरुरत होती है। हांलाकि किसी भी क्षेत्र में स्नातक छात्र ग्राफ़िक डिजाईन में तकनीकी प्रशिक्षण हासिल कर करियर शुरू कर सकते हैं।

ग्राफ़िक डिजाइनिंग कला और तकनीक का मिला-जुला रूप है, इसलिए कला में डिग्री-डिप्लोमा हासिल कर चुके छात्र इसका केवल छह महीने का कोर्स कर अच्छा पैसा और नाम कमा रहे हैं। उद्योग की जरूरतों पर आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से ग्राफ़िक डिजाइनिंग पढाया जाता है।  

सर जेजे स्कूल ऑफ एप्लाइड आर्ट, मुंबई

www.jjiaa.org

अवसर कहाँ हैं

इनके अवसर विशेष डिजाईन सेवाओं, विज्ञापन, जन संपर्क और सम्बंधित सेवाओं, समाचार पत्र, पत्रिकाओं, पुस्तकों और निर्देशिकाओं के प्रकाशकों तथा प्रिंटिंग और उससे सम्बंधित सहायक गतिविधियों और थोक व्यापार में निकलते हैं।

ग्राफ़िक डिजाईन के एक्सपर्ट्स डिजाईन स्कूल्स, कॉलेज व यूनिवर्सिटी में पढ़ाते भी हैं। कुछ स्वतन्त्र रूप से इस काम को करते हैं, पर जो विशेषज्ञता प्राप्त ग्राफ़िक डिजाईन फर्म में काम करते हैं, वे आम तौर पर डिजाईन टीम का हिस्सा होते हैं।

एक अनुमान के अनुसार 2024 तक कंप्यूटर सिस्टम डिजाईन और सम्बंधित सेवाओं में ग्राफ़िक डिज़ाइनर्स के रोजगार में 21 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है। इन्टरनेट के बढ़ते इस्तेमाल में कंपनियां डिजिटल मौजूदगी बढ़ने में जुटी हैं। ग्राफ़िक डिज़ाइनर्स को वेबसाइटस के प्रभावी लेआउट बनाने का जिम्मा दिया जा रहा है।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाईन अहमदाबाद

www.nid.edu

वेतन

ग्राफ़िक डिज़ाइनर का वेतन पूरी तरह उसके हुनर और अनुभव पर निर्भर करता है। वैसे एक अनुमान के अनुसार एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर के कैरियर की शुरुआत 20 हजार रूपये प्रतिमाह से हो जाती है, जबकि वरिष्ठ डिज़ाइनर 70 हजार रूपये प्रतिमाह तक कमा लेते हैं। यह वेतन व्यक्ति कंपनी और स्थान पर निर्भर करता है।

करियर इन ट्रेवल फोटोग्राफी

दुनिया भर में घूमना, प्राकृतिक व सांस्कृतिक सुन्दरता को कैमरे में कैद करना किसे नहीं भायेगा? और अगर यही आपका करियर भी बन जाये, तो उससे अच्छी बात क्या हो सकेगी। ट्रेवल फोटोग्राफी ऐसा ही करियर है, जिसमें घुमक्कड़ी का आनंद भी है और ग्रोथ का बेहतर स्कोप भी।

एक तस्वीर बहुत कुछ बयां कर सकती है। वह आपको चकित या आनंदित कर सकती है। यही नहीं, अगर तस्वीर खींचने वाला यानी फोटोग्राफर कल्पनाशील और क्रिएटिव हो, उसके पास एस्थेटिक सेंस हो तो वह संसार में मौजूद कई अदभुत चीजों को कैमरे में कैद कर सकता है। फोटोग्राफी के ही कई स्वरूपों में से एक है ट्रेवल फोटोग्राफी।

जिन युवाओं को नौ से पांच ड्यूटी करने के बजाये कैमरे से देश-दुनिया को एक्स्प्लोर करने में आनंद आता है, उनके लिए यह एक परफेक्ट फील्ड हो सकता है। आज युवाओं को यह प्रोफेशनल काफी अपील कर रहा है।

उत्कल यूनिवर्सिटी, भुबनेश्वर

www.utkaluniversity.ac.in

क्या है ट्रेवल फोटोग्राफी

यह फोटोग्राफी का ही एक अंग है, जिसमें ख़ास क्षेत्र के लैंडस्केप, आबादी, संस्कृति, रीति रिवाज या इतिहास का डॉक्यूमेंटेशन होता है। एक ट्रेवल फोटो वह इमेज होती है, जिसमें हम किसी स्थान या समय की अनुभूति करते हैं, जो किसी इलाके के लोगों, वहां की संस्कृति या प्राकृतिक सौन्दर्य से हमारा परिचय कराती है।

एक ट्रेवल फोटोग्राफर देश-दुनिया की सैर कर, अलग-अलग प्रकार की तस्वीरें खींचता है और फिर उन्हें ट्रेवल बुक पब्लिशर्स, पोस्टकार्ड कम्पनीज, मैगजीन्स, होटल्स, न्यूज़पेपर्स, वेबसाइट्स आदि को बेचता है। वह प्रोफेशनल या एमेच्योर दोनों हो सकता है।

पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे

www.unipune.ac.in

पर्सनल स्किल्स

तस्वीरें खींचने का अपना मजा है, लेकिन एक कामयाब ट्रेवल फोटोग्राफर बनने के लिए ट्रेवल फोटोग्राफर बनने के लिए ट्रेवलिंग के साथ-साथ फोटोग्राफी का भी फैशन होना चाहिए। आपके अन्दर तस्वीरों के जरिये कहानी बयां करने की चाहत होनी चाहिये। आप फील्ड से जुडी जितनी जानकारी रखेंगे, उतना बेहतर होगा। इंडस्ट्री में आज जिस तरह की प्रतिस्पर्धा है, बुक्स, मैगजीन्स, न्यूज़पेपर्स से लेकर वेबसाइट्स, ऑनलाइन पोर्टल्स पर विभिन्न फोटोग्राफर्स की उम्दा तस्वीरें देखने को मिलती है, उसके मद्देनजर अब आपका भी काम स्तरीय होगा, तो लोग खुद ही एप्रोच करेंगे। इसलिए काम में परफेक्शन और यूनिकनेस बेहद जरुरी है।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी

www.mgkvp.ac.in

और क्या चाहिए

ट्रेवल फोटोग्राफर बनने के लिए आपके पास सबसे पहले एक अच्छा डिजिटल कैमरा होना जरुरी है। इसके अलावा, लाइटिंग की समझ होनी चाहिए। रौशनी के साथ चलने और चीजों को देखने की नजर होनी चाहिए। अगर अपना पोर्टफोलियो और वेबसाइट होगा, तो प्रोफेशनल ग्रोथ मिलने में आसानी होगी। कुल मिलाकर आप जितने क्रिएटिव और टेक्निकली साउंड होंगे, विजुअल और कलर में दिलचस्पी रखेंगे, आपका काम उतना ही निखरकर सामने आएगा। एक ट्रेवल फोटोग्राफर को अलग अलग जगहों को संस्कृति और परंपरा की जानकारी होना जरुरी है।

दिल्ली स्कूल ऑफ़ फोटोग्राफी, दिल्ली

www.delhischoolofphotography.in

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

आप हायर सेकेंडरी या ग्रेजुएशन के बाद फोटोग्राफी से रिलेटेड कोर्स कर सकते हैं। भारत में कई इंस्टिट्यूट्स फोटोग्राफी और ट्रेवल फोटोग्राफी में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स कराते हैं। आप चाहें तो ऑनलाइन रिसर्च करके भी इसके बारे में जरुरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कई इंस्ट्रक्शनल वीडियोज, ब्लॉग्स, आर्टिकल्स, एप्स आदि मौजूद हैं, जिन्हें फॉलो कर फोटोग्राफी की बारीकियां सीखी जा सकती हैं।

फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया, पुणे

www.ftiindia.com

स्कोप

ट्रेवल फोटोग्राफर्स किसी आर्गेनाईजेशन के साथ जुड़कर या फ्रीलांसिंग कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। अगर आपके पास प्रभावशाली राइटिंग स्किल भी है तो फोटोग्राफी के साथ-साथ ट्रेवल राइटिंग में भी हाथ आजमा सकते हैं। नेशनल ज्योग्राफिक और आउटलुक ट्रेवलर्स में हमेशा क्वालिटी प्रोफेशनल्स की डिमांड रहती है। इसके अलावा, किसी स्टूडियो में या सीनियर फोटोग्राफर के असिस्टेंट के रूप में भी आप काम कर सकते हैं।

काबिलियत

फोटोग्राफी में काम्पटीशन काफी टफ हो गया है। स्टॉक सेलिंग का ट्रेंड जोरों पर है। लेकिन ट्रेवल मैगज़ीन, ब्लॉग्स, टूर कम्पनीज और ट्रेवल पोर्टल्स के आने से ट्रेवल फोटोग्राफर्स की मार्किट में डिमांड बढ़ी है। ऐसे में जिनमें फोटोग्राफी का पैशन है, जो चीजों को परखने का आर्ट जानते हैं, वे इसमें करियर का आगाज कर सकते हैं।