फुटवियर डिजाइनिंग में उच्च शिक्षा और करियर के अवसर

जब तक हम सभी सभी समाज का हिस्सा हैं तब तक फुटवियर हमारी ज़िन्दगी और व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बना रहेगा, जो की हम हमेशा बने रहेंगे। ड्रेस की तरह फुटवियर को लेकर भी लोग अब बहुत सजग हो गए हैं। हम किसी भी तरह का कार्य करते हों, फुटवियर हमारे लिए उतना ही जरुरी है जितने कपडे।

Career in Footwear Design

यही कारण है कि एक ओर जहाँ फुटवियर के एक से बढ़कर एक डिजाईन बाज़ार में देखने को मिल रहे हैं, वहीँ इन्हें तैयार करने वालों की मांग भी दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है। भारत फुटवियर निर्माण में चीन के बाद दूसरे क्रम पर आता है। वर्तमान में भारतीय फुटवियर उद्योग तीव्र प्रगति कर रहा है और यह अगले कुछ वर्षों में 20 से 30 प्रतिशत की वार्षिक दर के साथ विकास करने की दिशा में आगे बढेगा।

अपनी इमेज के प्रति जागरूक लोगों की प्राथमिकताओं में आ जाने से फुटवियर की डिजाइनिंग और मार्केटिंग में एक प्रोफेशनल टच की जरुरत सामने आई है। इसके साथ ही सामने आया है खूबसूरती और यूटिलिटी के संतुलन का लुभावना करियर – फुटवियर डिजाइनिंग

फुटवियर डिज़ाइनर्स विशिष्ट प्रकार के फैशन डिज़ाइनर्स होते हैं। वे टेक्निकल या स्टाइलिस्ट डिज़ाइनर्स के रूप में काम करते हैं। टेक्निकल डिज़ाइनर पैटर्न मेकिंग, कटिंग और डिजाइनिंग का काम करते हैं तथा स्टाइलिस्ट डिज़ाइनर फैशन और स्टाइल के लेटेस्ट ट्रेंड के अनुसार फुटवियर के यूनिक लुक और स्टाइल अपील पर काम करते हैं। इन दोनों के सामंजस्य से बनते हैं स्पोर्ट्स शूज, लेदर शूज़, सेंडिल, कोल्हापुरी, मोजरी, चप्पलें और साथ ही ख़ास तरीकों से बनाये गए फुटवियर जैसे स्पेसवियर, बीमार और दिव्यांगों के लिए विशेष जूते आदि।

विकल्प

फुटवियर डिज़ाइनर के रूप में आप तीन क्षेत्रों में से किसी एक में कार्य का चुनाव कर सकते हैं – हाई फैशन डिज़ाइनर, रेडी-टू-वियर डिज़ाइनर तथा स्ट्रीट फैशन डिज़ाइनर। हाई फैशन डिज़ाइनर मंहगे तथा सेलिब्रिटीज द्वारा पहने जाने वाले फुटवियर डिजाईन करते हैं। रेडी-टू-वियर डिज़ाइनर विभिन्न मौसमों के अनुरूप फुटवियर डिजाईन करते हैं। स्ट्रीट फैशन डिज़ाइनर्स रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाले सस्ते एवं ड्यूरेबल फुटवियर डिजाईन करते हैं।



फुटवियर डिज़ाइनर इन बातों का का भी जानकार होता है – फैशन, रुझान और बाजार मांग, पैरों की संरचना, जूतों के निर्माण का तकनीकी अनुभव, निर्माण अनुभव, जूते बनाने के सांचों, हील्स, सोल्स और ट्रिम्स का तकनीकी ज्ञान, चमड़े, कैनवास तथा अन्य सामग्री। फुटवियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में तकनीकी, डिजाइनिंग तथा प्रबंधन में रोजगार के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।

कोर्सेज इन फुटवियर डिजाइनिंग

फुटवियर डिजाइनिंग से जुड़े अनेक कोर्स देश में उपलब्ध हैं। 10वीं पास विद्यार्थी फुटवियर डिजाइनिंग से जुड़े शार्ट-टर्म कोर्स कर सकते हैं। ये सर्टिफिकेट कोर्स कहलाते हैं। फुटवियर डिजाईन के पीजी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना जरुरी है। फुटवियर डिजाइनिंग कोर्स (बीटेक / एमटेक) में विज्ञान विषयों के विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। फुटवियर डिजाइनिंग के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश हेतु 12वीं पास होना जरुरी है। सामान्यतः सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु एंट्रेंस एक्जाम्स क्लियर करना होता है।

फुटवियर-विशेषज्ञ

फुटवियर डिज़ाइनर : फुटवियर डिज़ाइनर पैर के अनुरूप फैशन क सृजन करता है। वह किसी कंपनी के लिए या स्वयं के लेवल के लिए बेसिक फुटवियर डिजाईन करता है।

सहायक फुटवियर डिज़ाइनर : यह फुटवियर डिज़ाइनर का राईट हैण्ड कहलाता है। यह डिज़ाइनर के मौलिक विचारों का चित्रांकन करता है और जूतों के व्यापक उत्पादन के लिए प्रयुक्त होने वाली वास्तविक पद्धतियों का सृजन करता है।

लाइन बिल्डर : लाइन बिल्डर लक्षित ग्राहकों के लिए एक फुटवियर लाइन का विकास करता है। सौर्सिंग, उत्पादन तथा मार्केटिंग के लिए अवधारणा से कास्टिंग तक सम्पूर्ण प्रक्रिया की देखरेख करता है। यह डिजाईन तथा उत्पादन टीम के साथ मिलकर कार्य करता है।

सहायक उत्पाद विकास प्रबंधक : यह डिज़ाइनर को कार्य करने के लिए एक दायरा प्रदान करता है। यह बाजार मांग, फैशन तथा रुझान के साथ कार्य करता है।

फुटवियर टेक्नोलॉजिस्ट :  फुटवियर टेक्नोलॉजिस्ट सामग्री तथा फुटवियर अवयवों के साथ-साथ विनिर्माण का विशेषज्ञ भी होता है।

अंतिम निर्माता : यह वह व्यक्ति होता है जो फुटवियर बनाने के सांचों को डिजाईन करता है तथा फुटवियर का निर्माण करता है। यह अत्यधिक विशेषज्ञता वाला काम है।

सोल एंड हील मेकर : यह हील तथा सोल के निर्माण में विशेषज्ञता रखता है।

सैलरी एंड पैकेज

फुटवियर डिजाईन एंड डेवलपमेंट कोर्स करने के बाद से लेकर ३० हजार  ५० हजार रूपये मासिक वेतन आसानी से मिल जाता है। अनुभव बढ़ने के साथ-साथ वेतन भी बढ़ता जाता है। आज इस क्षेत्र में बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बहुत अच्छे पैकेज के साथ प्लेसमेंट दिया जा रहा है। यदि आप चाहें तो स्वयं का रोजगार भी शुरू कर सकते हैं।



अगर आप इस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं तो समय समय पर फुटवियर डिजाइनिंग और डेवलपमेंट में कोर्स करने वाले संस्थानों द्वारा कराये जाने वाले एंट्रेंस एक्जामस की जानकारी समय समय पर उनकी वेबसाइटस पर जाकर लेते रहें।

याद रखने वाली बात यह है की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की भांति इन परीक्षाओं को भी सफलता पूर्वक पास करने के लिए 10वीं और 12वीं तक के पाठ्यक्रमों की अच्छे से पढाई और ज्ञान होना जरुरी है। प्रतियोगी परीक्षाएं कोई भी हों उनमें ज्यादातर सवाल इन्हीं कक्षाओं तक पढ़े सिलेबस से सम्बंधित होते हैं।

प्रमुख संस्थान

सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, चेन्नई 

कॉलेज ऑफ़ लेदर टेक्नोलॉजी, कोलकाता

सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, आगरा

शू डिजाईन सेंटर, नई दिल्ली

इंस्टिट्यूट ऑफ़ गवर्नमेंट लेदर वर्किंग स्कूल, मुंबई

फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट, नोएडा / गुना / छिन्दवाडा

www.fddiindia.com