टूरिज्म में करियर और उच्च शिक्षा

देश में ट्रेवल एंड टूरिज्म सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। हमारे यहाँ पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है। साथ ही, जैसे जैसे मध्यम व उच्च मध्यम वर्ग की जेब में अधिक पैसा आएगा, पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होता जायेगा।

सरकार भी इस इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में करियर बनाने के लिहाज से टूरिज्म सेक्टर संभावनाओं का भण्डार है।

देश और विदेश की यात्राएँ करना आज के दौर में मुश्किल भरा काम नहीं है।  चाहे बिज़नस के लिए यात्रायें करनी हों या एडवेंचर के लिए या फिर छुट्टियाँ बिताने के लिए। उन्नत ट्रांसपोर्ट और संचार साधनों से सब कुछ आसान हो गया है।

टूरिज्म सेक्टर देश की जीडीपी में भी बड़ा योगदान दे रहा है क्योंकि पर्यटकों के जरिये विदेशी मुद्रा अर्जित करने का यह बड़ा स्रोत है। इतना ही नहीं, लाखों लोगों को टूरिज्म विभाग, ट्रेवल एजेंसी, होटल, एयरलायंस, ट्रांसपोर्ट एजेंसी या फिर कार्गो कंपनियों में रोजगार भी मिला हुआ है।

जोरदार संभावनाएं

वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म कौंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, नए वीसा सुधार, अतुल्य भारत अभियान और सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर दिए जाने से भारतीय ट्रेवल एंड टूरिज्म उद्योग में आने वाले वर्षों में और तेजी आने की उम्मीद है।

एक अनुमान के मुताबिक़, बीते कुछ वर्षों में करीब ९ प्रतिशत (३.७५ करोड़) लोगों को टूरिज्म सेक्टर में रोजगार मिला। वर्ष २०१८ में भारत में ट्रेवल एंड टूरिज्म उद्योग की विकास दर लगभग ८ प्रतिशत रही। वहीँ, देश की भौगोलिक और सांस्कृतिक-एतिहासिक विरासत ऐसी है की दक्षिण aएशिया घूमने आने वाले करीब ५० प्रतिशत पर्यटक हर साल भारत आना पसंद करते हैं।

यही वजह है की टूरिज्म सेक्टर में युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।



धीरे धीरे पासपोर्ट एंड वीसा हैंडलिंग, डेस्टिनेशन मेनेजर, ट्रेवल कंसलटेंट, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, एच आर, बिज़नस डेवलपमेंट, पीआर, इवेंट मैनेजमेंट जैसे दुसरे गैर-परंपरागत क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए जॉब की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मेडिकल टूरिज्म भी ऐसा ही एक उभरता हुआ नया क्षेत्र है, जहां हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए काफी स्कोप है।

कहाँ हैं मौके

पर्यटन विभाग – इससे सम्बंधित कोर्से करने के बाद आप पर्यटन विभाग में रिजर्वेशन एंड काउंटर स्टाफ, सेल्स एंड मार्केटिंग स्टाफ, टूर प्लानर्स, टूर गाइड जैसे पदों पर सरकारी नौकरी में जा सकते हैं। यूपीएससी या पीएससी परीक्षा पास कर केंद्र व राज्यों के पर्यटन विभागों में अफसर भी बना जा सकता है।

एयरलाइन्स

पर्यटन उद्योग का यह सबसे आकर्षक क्षेत्र माना जाता है। आप एयर होस्टेस, ग्राउंड सुप्पोर्ट एंड एअरपोर्ट मैनेजमेंट, एयरलाइन ग्राउंड ऑपरेशन, एयरलाइन टिकटिंग, होटल मैनेजमेंट या टूरिज्म जैसे कोर्स करके यहाँ ग्राउंड स्टाफ या इन-फ्लाइट एसोसिएट, ट्रैफिक असिस्टेंट, रिजर्वेशन एंड काउंटर स्टाफ, क्लाइंट सर्विसिंग स्टाफ आदि के रूप में करियर बना सकते हैं।

होटल

किसी भी देश की ट्रेवल aएंड टूरिज्म इंडस्ट्री का अहम् हिस्सा है होटल्स। यही कारण है कि यह क्षेत्र देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। तमाम तरह के जॉब के अवसर भी लोगों को विभिन्न स्तरों के होटलों में मिल रहे हैं।

ट्रांसपोर्ट

हवाई, सड़क, रेल और समुद्री मार्गों से परिवहन के क्षेत्र में को-ऑर्डिनेटर, सुपरवाइजर, ड्राईवर आदि के रूप में बड़ी संख्या में जॉब के अवसर हैं।

टूर ऑपरेटर्स

ऐसे प्रोफेशनल्स अपने क्लाइंट के लिए टूर की व्यवस्था करते हैं, उन्हें विभिन्न पर्यटन स्थलों पर घुमाने के लिए ले जाते हैं, रिवर राफ्टिंग, रॉक क्लाइम्बिंग आदि जैसे साहसिक खेलों में टूरिस्ट की मदद करते हैं।

क्लाइंट की यात्रा और ठहरने का प्रबंध भी यहीं प्रोफेशनल्स करते हैं। अगर आपका व्यक्तित्व अच्छा है, आप पर्यटन स्थलों की अच्छी जानकारी रखते हैं और आपकी लैंग्वेज स्किल अच्छी हैं, तो आप इस फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं।

टाइम शेयर कम्पनीज

ऐसी कम्पनियाँ हॉलिडे रिसोर्ट को मैनेज करने का काम करती हैं। विदेशी कंपनियों के रिसोर्ट के साथ भी इनका बिज़नस टाईअप होता है। आप ऐसी कंपनियों में काम करने का मौका पा सकते हैं।

हॉलिडे कंसल्टेंसी

ट्रेवल एंड टूरिज्म उद्योग में अभी यह नया क्षेत्र है। हॉलिडे कंसलटेंट टूर से जुडी हर तरह की जानकारी अपने क्लाइंट को उपलब्ध कराते हैं, जैसे क्लाइंट के लिए ट्रेवल प्लान करना, टिकट बुकिंग आदि।

बैंक

बैंकों में विदेशी मुद्रा के लिए आने वाले टूरिस्ट की मदद हेतु प्रोफेशनल्स की सेवाएं भी ली जाती हैं। तमाम बैंक आजकल पर्यटकों के लिए होटल और टिकट बुकिंग की सुविधाएँ भी उपलब्ध करा रहे हैं। बैंकों में ऐसे जॉब के लिए आम तौर पर एमबीए स्टूडेंट्स को हायरिंग में तवज्जो दी जाती है।

ट्रेवल पोर्टल

ई-कॉमर्स की ग्रोथ के साथ ही ऑनलाइन ट्रेवल एंड टूरिज्म के क्षेत्र में भी कई तरह के मौके पैदा हो गए हैं। ट्रेवल एंड टूरिज्म ग्रेजुएट्स के अलावा आईटी, फाइनेंस, वेब डिजाइनिंग, कंटेंट राइटिंग जैसे प्रोफेशनल्स की मांग भी यहाँ काफी बढ़ गयी है।

कोर्सेज

टूरिज्म सेक्टर में करियर बनाने के लिए डिग्री, पीजी डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के रूप में कई प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं। डिग्री कोर्स की अवधि तीन वर्ष होती है। इसमें किसी भी स्ट्रीम के युवा १२वीं के बाद प्रवेश ले सकते हैं। अगर आप ग्रेजुएट हैं, तो टूरिज्म में पीजी या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। कुछ संस्थान सर्टिफिकेट कोर्स भी करते हैं, जिसे १२वीं के बाद करके टूर एजेंसीज या टूर प्रमोशन एंड सेल्स कंपनियों में जॉब पा सकते हैं।

कुछ कोर्स इस प्रकार हैं

बैचलर ऑफ़ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन

बैचलर ऑफ़ टूरिज्म स्टडीज

मास्टर ऑफ़ बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

एम ए iइन टूरिज्म मैनेजमेंट

शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स (एक वर्षीय) iइन :

एयरलाइन टिकटिंग

एयरलाइन ग्राउंड ऑपरेशन्स

ग्राउंड सपोर्ट एंड एअरपोर्ट मैनेजमेंट

टूरिज्म मैनेजमेंट

गाइडिंग एंड एस्कोर्टिंग

कार्गो मैनेजमेंट

एअरपोर्ट लोजिस्टिक मैनेजमेंट

ख़ास स्किल

इस इंडस्ट्री में भविष्य संवारने के लिए विषय पर अच्छी पकड़ के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होनी चाहिए क्योंकि यहाँ लोगों को अक्सर पर्यटकों से बातचीत करके उनकी जिज्ञासाओं को शांत करना होता है। आपका व्यवहार कुशल होना भी जरुरी है। अच्छी पर्सनालिटी से भी फायदा होगा।

जिन स्टूडेंट्स ने फॉरेन लैंग्वेज के कोर्स किये हैं और उन्हें भूगोल का अच्छा ज्ञान है, उन्हें यहाँ अधिक वरीयता दी जाती है। अगर आप मैनेजरियल या एडमिनिस्ट्रेटिव पद पर हैं, तो लीडरशिप क्वालिटी के साथ-साथ त्वरित समस्या समाधान की क्षमता और टीमवर्क की भावना भी आपमें होना जरुरी है।



सैलरी पैकेज

टूरिज्म उद्योग में सैलरी काफी आकर्षक है। एयरलाइन्स, ट्रेवल एजेंसीज आदि में ऐसे प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों को कई मुफ्त सुविधाएँ भी मिलती हैं। प्रोफेशनल्स को शुरुआत में २० से २५ हजार रूपये प्रति माह की सैलरी आसानी से मिल जाती है। अनुभव बढ़ने पर ऐसे प्रोफेशनल्स ४० हजार से लेकर एक लाख रूपये महिना तक कमा सकते हैं।

प्रमुख संस्थान

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, नई दिल्ली

www.iittm.net

दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली

www.du.ac.in

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय

www.ignou.ac.in

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा

www.kuk.ac.in

डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा

www.dbrau.ac.in

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी

www.bhu.ac.in

जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर

www.jiwaji.edu

भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली

www.bvbdelhi.org

लखनऊ यूनिवर्सिटी, लखनऊ

www.lkouniv.ac.in

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश

www.hpuniv.nic.in

 

 



लक्ज़री मैनेजमेंट में करियर

करियर बनाकर ढेर सारा पैसा कमाकर लगभग हर युवा तरह तरह की लक्ज़री का आनंद उठाना चाहता है। कैसा रहे अगर आपका करियर ही लक्ज़री के क्षेत्र में हो।

जिस रफ़्तार से भारत में लक्ज़री उद्योग बढ़ रहा है, जिस रफ़्तार से भारत में लक्ज़री उद्योग बढ़ रहा है,  उसे देखते हुए निकट भविष्य में इसमें लाखों जॉब्स सृजित होने जा रही हैं। बाकी फ़ील्ड्स की तरह इसमें भी मेहनत तो करनी पड़ती है,  लेकिन यहाँ मेहनत लक्ज़री की चकाचौंध के बीच होती है।

आज ग्लोबल लक्ज़री इंडस्ट्री लगभग २ ट्रिलियन डॉलर के आसपास है,  जिसके सालाना ६५ प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। भारत की बात करें तो यह लगभग १० अरब डॉलर के आसपास है। यह सालाना करीब २० प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। यानी भारतीय लक्ज़री मैनेजर्स की डिमांड न सिर्फ बनी हुई है,  बल्कि भविष्य में भी उनके लिए अनेक संभावनाएं निर्मित होंगी।

२०२२ तक इस सेगमेंट में करीब २० लाख ट्रेंड मेनपॉवर की जरुरत होगी। ऐसे में जिनके पास भी ब्रांड के हेरिटेज और हिस्ट्री की समझ के साथ नेटवर्किंग स्किल होंगी, वे लक्ज़री इंडस्ट्री में शानदार करियर का आगाज कर सकेंगे।



बेहतर है भविष्य

भारत में जिस तेजी से करोड़पतियों का क्लब बढ़ रहा है, इस नए इलीट वर्ग का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए कई इंटरनेशनल लक्ज़री ब्रांड्स भारतीय ग्राहकों को लुभाने के लिए मार्केट में उतर रहे हैं। वे ग्राहकों के लिए डिज़ाइनर ड्रेस, हैण्डमेड ज्वेलरी, घड़ियाँ, एक्सेकरीज से लेकर प्रीमियम वेकेशन उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में इंडस्ट्री को उन लक्ज़री मैनेजर्स की जरुरत है, जो ग्राहकों को ब्रांड के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनकी डिमांड भी पूरी कर सकें।

नेटवर्किंग बड़े काम की

लक्ज़री ब्रांड्स को महत्वकांक्षी लोगों की जरुरत होती है, जिनके पास दृढ इच्छाशक्ति के साथ साथ करियर में आगे बढ़ने का जज्बा हो और पाने काम से लगाव।  आज ज्यादातर फैशन ब्रांड्स इंटरनेशनल क्लाइंट्स के साथ डील करते हैं। ऐसे में जिनकी कॉर्पोरेट क्लास के साथ तगड़ी नेटवर्किंग स्किल और इंडस्ट्री के डिसीजन मेकर्स के साथ बेहतर सम्बन्ध होते हैं, उन्हें स्थापित होने में दिक्कत नहीं होती है। यानी जिसने टाइम मैनेजमेंट के साथ ग्राहकों से अच्छे रिश्ते बना लिए, उनके लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुले हैं।

कई तरह के काम

लक्ज़री एक विशाल सेगमेंट है। इसमें फैशन से लेकर ऑटोमोबाइल, ब्यूटी से लेकर स्किल केयर, ट्रेवल, टूरिज्म, फाइन डाईनिंग, वाचेस, ज्वेलरी, वैलनेस, हेल्थ एंड फिटनेस, स्पा, होम इंटीरियर आदि तमाम सेग्मेंट्स और सेक्टर्स शामिल हैं।

इसलिए यहाँ यंगस्टर्स के लिए मौके भी विविध हैं। वे स्टोर मैनेजमेंट, बाइंग एंड मर्चेंडाइजिंग सेक्टर में काम कर सकते हैं। मैनेजमेंट लेवल के अलावा फ्रंट एंड कस्टमर सर्विस में भी बड़ी संख्या में लोगों की जरुरत होती है। इस फील्ड में रेगुलर जॉब के साथ ही आप बिज़नस एंटरप्राइज भी शुरू कर सकते हैं। शुरुआत फ्रैंचाइज़ी से लेकर जॉइंट वेंचर या सिंपल डिस्ट्रीब्युशन मॉडल के तौर पर की जा सकती है।

लक्ज़री ब्रांड मेनेजर का काम किसी लक्ज़री प्रोडक्ट या सर्विस की इमेज को मार्किट में स्थापित करना और उसकी ब्रांड वैल्यू को बरकरार रखना होता है। एक कुशल लक्ज़री मेनेजर ब्रांड को उभरते हुए नाम से मार्किट लीडर बना देता है।

जरुरी स्किल

किसी भी लक्ज़री ब्रांड के साथ काम करने हेतु ख़ास तरह का एटीट्युड चाहिए होता है। वैसे तो किसी भी स्ट्रीम के विद्यार्थी लक्ज़री मैनेजमेंट में करियर बना सकते हैं लेकिन अंग्रेजी पर कमांड होना जरुरी है। आपको व्यवहार कुशल, सौम्य होने के साथ ही क्रिएटिव और कल्पनाशील होना भी जरुरी है। वहीँ, अच्छे रिलेशन स्किल्स और सुनने की क्षमता होने से आप विशवास के साथ लोगों के साथ डील कर सके हैं। हाँ, इसके लिए प्रोडक्ट्स की पूरी जानकारी रखना भी जरुरी होगी।

लक्ज़री इंडस्ट्री फेस वैल्यू और रिश्तों पर कायम है। सफल लक्ज़री ब्रांड मेनेजर बनने के लिए आपको रिश्ते बनाने की कला आनी चाहिए। अंग्रेजी व हिंदी के साथ किसी विदेशी भाषा का ज्ञान होना भी आपके पक्ष में रहता है, क्योंकि ज्यादातर लक्ज़री ब्रांड्स इंटरनेशनल होते हैं। उन्हें प्रभावी ढंग से तभी मैनेज किया जा सकता है जब आपको विदेशी भाषाओं का ज्ञान हो। ब्रांड को स्थापित करने के लिए बेहद कम समय में सही निर्णय लेने की क्षमता और अच्छा श्रोता होना भी जरुरी है।

आपके व्यक्तित्व में दृढ़ता होनी चाहिए क्योंकि इस क्षेत्र में आपका सामना दृढ़ व्यक्तित्व वाले ग्राहकों से होता है।



जरुरी क्वालिफिकेशन

फिलहाल भारत में पर्ल अकैडमी, एलसीबीएस जैसे कुछेक इंस्टिट्यूट ही लक्ज़री मैनेजमेंट या इससे जुड़े कोर्स ऑफर कर रहे हैं। एलसीबीएस में विद्यार्थियों को थ्योरेटिकल के अलावा इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। इसमें पर्सनालिटी डेवलपमेंट से लेकर कॉन्फिडेंस बिल्डिंग, कम्युनिकेशन स्किल शामिल है।

रोजगार के विकल्प

लक्ज़री ब्रांड मैनेजमेंट में स्पेशलाइज्ड कोर्स करने के बाद इस क्षेत्र के विभिन्न सेक्टर्स में जॉब की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशन, पीआर एंड क्लाइंट रिलेशंस, ऑपेरशन एंड लोजिस्टिक्स, स्टोर मैनेजमेंट, डिस्ट्रीब्यूशन एंड वेयरहाउसिंग, डिजाइनिंग, मर्चेंडाइजिंग, प्रोडक्शन, बैंकिंग एंड फाइनेंस, इन्शुरन्स व कस्टमर कंप्लायंस जैसे सेक्टर्स में रोजगार की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

टॉप लेवल पर ब्रांड मेनेजर, कंट्री मेनेजर, ब्रांड एम्बेसडर जैसी पोजीशंस होती हैं।

लक्ज़री मैनेजमेंट के विद्यार्थी भविष्य में आर्ट डायरेक्टर बनकर किसी ब्रांड को सुपरवाइज़ कर सकते हैं। वे किसी सेलेब्रिटी के लाइफस्टाइल मेनेजर भी बन सकते हैं। यही नहीं, वे फैशन ट्रेंड्स, लक्ज़री शॉपिंग और वाइन-डाइन के विशेषज्ञ बनकर इनके बारे में जानकारियां भी दे सकते हैं।

लक्ज़री से लगाव जरुरी

किसी लक्ज़री ब्रांड के लिए काम करने हेतु एक विशेष तरह के एटीटयूड की जरुरत होती है। इस क्षेत्र में सुशिक्षित, अच्छे व्यवहार वाले, gooगुड लुकिंग और जज्बा रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है। यह जरुरी है की जिस ब्रांड को आप प्रमोट कर रहे हैं, उसे अच्छी तरह जानते और पसंद करते हों। उसके प्रमोशन में आपको मजा आता हो। परिधानों के किसी ब्रांड को मैनेज करने के लिए रचनात्मकता और कल्पनाशीलता जरुरी होती है।

प्रमुख संस्थान

आईआईएम, अहमदाबाद

www.iimahd.ernet.in

पर्ल अकैडमी, नई दिल्ली

www.pearlacademy.com

लक्ज़री कनेक्ट बिज़नस स्कूल, गुडगाँव

www.lcbs.edu.in

लाइफस्टाइल एंड लक्ज़री मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, चंडीगढ़  

www.llmi.in